सितंबर 13, 2011

जाने क्यों...




जाने क्यों ये
दिल रोता है ,
जीवन में सब
 कुछ धोखा है, 
चुपके से आना
दिल में समाना-
महकती पवन
 का झोंका है |

अनजान पल जो
 ढल गए कल,
रंग बदल मन-
 को गए छल,
वक्त के साथ
 रहे है गल,
बेवफाई ये
 अपनों का है |

राह वही,
वही है सफ़र ,
तेरा साथ 
नहीं है मगर ,
बिन तेरे- 
मेरे हमसफ़र 
टूटा सपनों का
 झरोखा है 

जाने क्यों ये
 दिल रोता है ,
जीवन में सब कुछ
 धोखा है, 





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