कविता
ज़िन्दगी की तारीखें तो पहले से ही तय है हमें तो बस उन तारीखों में जिए जाना है
फ़ॉलोअर
#कबूतर #दाना #मोहताज
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
#कबूतर #दाना #मोहताज
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
जुलाई 16, 2022
कबूतरों से.....
Kabutaron se chhin liya Gaya hai Uska kam
berojgar kabutar ab Dane Dane Ko mohtaj Hai
कबूतरों से छीन लिया गया है उसका काम
बेरोजगार कबूतर अब दाने-दाने को मोहताज है
© अनामिका
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
जाह्नवी हूँ .........
मै नदी हूँ ............. पहाड़ो से निकली नदों से मिलती कठिन धरातल पर उफनती उछलती प्रवाह तरंगिनी हूँ ...
गुहार
मेरे घर के आगे है पथरीली ज़मीन हो सके तो आओ इन पत्थरों पर चलकर पूनम की चाँद ने रोशनी की दूकान खोली है खरीद लो रोशनी ज़िंदगी रोशन कर ल...
याचना
मेरी ख़ामोशी का ये अर्थ नही की तुम सताओगी तुम्हारी जुस्तजू या फिर तुम ही तुम याद आओगी वो तो मै था की जब तुम थी खडी मेरे ही आंग...
ब्लॉग आर्काइव
ब्लॉग आर्काइव
जुलाई (1)
नवंबर (1)
अगस्त (2)
जुलाई (6)
अक्टूबर (1)
अप्रैल (1)
मार्च (1)
नवंबर (2)
सितंबर (4)
जुलाई (3)
जून (1)
मई (2)
अप्रैल (1)
फ़रवरी (2)
अगस्त (1)
जुलाई (1)
अप्रैल (1)
मार्च (1)
जनवरी (1)
अगस्त (1)
जुलाई (1)
अप्रैल (2)
मार्च (1)
अक्टूबर (1)
जून (3)
अप्रैल (4)
मार्च (3)
फ़रवरी (1)
दिसंबर (1)
नवंबर (3)
सितंबर (1)
अगस्त (2)
जुलाई (2)
मई (1)
मार्च (4)
फ़रवरी (1)
दिसंबर (1)
नवंबर (1)
अक्टूबर (1)
अगस्त (2)
जुलाई (2)
जून (5)
मई (2)
अप्रैल (2)
मार्च (4)
फ़रवरी (4)
जनवरी (4)
दिसंबर (5)
नवंबर (6)
अक्टूबर (8)
सितंबर (3)
अगस्त (9)
जुलाई (7)
जून (8)
मई (6)
अप्रैल (5)
मार्च (3)
फ़रवरी (4)
जनवरी (7)
दिसंबर (2)
नवंबर (3)
अक्टूबर (2)
सितंबर (3)
अगस्त (3)
जुलाई (9)
जून (3)
मई (16)
अप्रैल (8)
मार्च (8)
widgets.amung.us
pinterest
Visit anamika's profile on Pinterest.
flagcounter
FEEDJIT Live Traffic Feed
Feedjit Live Blog Stats