कविता
ज़िन्दगी की तारीखें तो पहले से ही तय है हमें तो बस उन तारीखों में जिए जाना है
फ़ॉलोअर
#कदम # तलाश
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
#कदम # तलाश
लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं.
सभी संदेश दिखाएं
जुलाई 30, 2022
वजूद अपना
कदम से कदम मिलाकर देख लिया
आसान नहीं है तेरे साथ चलना
तुझे अपनी तलाश है मुझे अपनी
मुश्किल है दो मुख़्तलिफ़ का साथ रहना
यूँ तो तू दरिया और मैं बरसता पानी
धरम हमारा एक है यही कहता है ज़माना
पर याराना न हो जो दोनों दिलों में
मुमकिन नहीं छत ओ दीवार का एक होना
@अनामिका घटक
पुराने पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
याचना
मेरी ख़ामोशी का ये अर्थ नही की तुम सताओगी तुम्हारी जुस्तजू या फिर तुम ही तुम याद आओगी वो तो मै था की जब तुम थी खडी मेरे ही आंग...
देर न लगेगी
हमने रखे हैं नक्शे पा आसमां के ज़मीं पर अब ज़मीं को आसमां बनने में देर न लगेगी टांग आयी हूँ सारे ग़म दरो दीवार के खूंटी पर अब वफ़ाओं...
वजूद अपना
कदम से कदम मिलाकर देख लिया आसान नहीं है तेरे साथ चलना तुझे अपनी तलाश है मुझे अपनी मुश्किल है दो मुख़्तलिफ़ का साथ रहना यूँ तो तू दरिया और ...
ब्लॉग आर्काइव
ब्लॉग आर्काइव
जुलाई (1)
नवंबर (1)
अगस्त (2)
जुलाई (6)
अक्टूबर (1)
अप्रैल (1)
मार्च (1)
नवंबर (2)
सितंबर (4)
जुलाई (3)
जून (1)
मई (2)
अप्रैल (1)
फ़रवरी (2)
अगस्त (1)
जुलाई (1)
अप्रैल (1)
मार्च (1)
जनवरी (1)
अगस्त (1)
जुलाई (1)
अप्रैल (2)
मार्च (1)
अक्टूबर (1)
जून (3)
अप्रैल (4)
मार्च (3)
फ़रवरी (1)
दिसंबर (1)
नवंबर (3)
सितंबर (1)
अगस्त (2)
जुलाई (2)
मई (1)
मार्च (4)
फ़रवरी (1)
दिसंबर (1)
नवंबर (1)
अक्टूबर (1)
अगस्त (2)
जुलाई (2)
जून (5)
मई (2)
अप्रैल (2)
मार्च (4)
फ़रवरी (4)
जनवरी (4)
दिसंबर (5)
नवंबर (6)
अक्टूबर (8)
सितंबर (3)
अगस्त (9)
जुलाई (7)
जून (8)
मई (6)
अप्रैल (5)
मार्च (3)
फ़रवरी (4)
जनवरी (7)
दिसंबर (2)
नवंबर (3)
अक्टूबर (2)
सितंबर (3)
अगस्त (3)
जुलाई (9)
जून (3)
मई (16)
अप्रैल (8)
मार्च (8)
widgets.amung.us
pinterest
Visit anamika's profile on Pinterest.
flagcounter
FEEDJIT Live Traffic Feed
Feedjit Live Blog Stats