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अगस्त 17, 2011

दिल दीवाना


Love Image 402411
मैं हूँ और मेरे साथ है मेरा दिल दीवाना
ये भी जालिम कभी  कभी बनता बेगाना


साकिओं मैंखानो में बस तू ही तू है
ख़्वाबों की जहां में भी तेरी आरज़ू है


इस कमबख्त दिल को तूने लूट लिया
रिश्ता  तुमने मुझसे आखिर जोड़ लिया


जाने किस घडी में मैं जो बना दीवाना
तुमने भी उस घडी से नाता जोड़ लिया


अब इस जालिम दिल पर मेरा बस नहीं चलता
तेरा मेरा रिश्ता जाहिर हो ही गया





17 टिप्‍पणियां:

  1. दिल तो दिल है
    लूटता भी है
    लुटता भी है
    निरंतर
    धड़कता भी है
    टूटता भी है
    बहकता भी
    रोता भी है
    जलता भी है

    dil ke baare mein pataa chalaa bahut khoob

    उत्तर देंहटाएं
  2. भावनाओं की सुन्दर अभिव्यक्ति .बधाई
    blog paheli

    उत्तर देंहटाएं
  3. इस सुन्दर रचना पर टिप्पणी में देखिए मेरे चार दोहे-
    अपना भारतवर्ष है, गाँधी जी का देश।
    सत्य-अहिंसा का यहाँ, बना रहे परिवेश।१।

    शासन में जब बढ़ गया, ज्यादा भ्रष्टाचार।
    तब अन्ना ने ले लिया, गाँधी का अवतार।२।

    गांधी टोपी देखकर, सहम गये सरदार।
    अन्ना के आगे झुकी, अभिमानी सरकार।३।

    साम-दाम औ’ दण्ड की, हुई करारी हार।
    सत्याग्रह के सामने, डाल दिये हथियार।४।

    उत्तर देंहटाएं
  4. अच्‍छा है। आभार आपका आप मेरे ब्‍लाग तक आए

    उत्तर देंहटाएं
  5. कल 30/08/2011 को आपके दिल की बात नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  6. इस कमबख्त दिल को तूने लूट लिया
    रिश्ता तुमने मुझसे आखिर जोड़ लिया |
    बहुत खूब दोस्त जी |
    सुन्दर रचना |

    उत्तर देंहटाएं

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