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जनवरी 05, 2012

बातें जीवन की ..


बातें जीवन की ..
जो नस-नस में रस घोल रही है 
आवाज़ बन गले से बोल रही है 

आकार जीवन का ....
न जाने बार-बार शक्लें बदल रही है 
आकार-निराकार में ढल रही है 

सच्चाई जीवन की.......
तुम्हारे आँखों की रौशनी ही 
मेरे जीवन की आस है 
तुमसे जुडी हुई लम्हों के -
किस्से ..बड़े ख़ास है 


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