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हमने रखे हैं नक्शे पा आसमां के ज़मीं पर अब ज़मीं को आसमां बनने में देर न लगेगी टांग आयी हूँ सारे ग़म दरो दीवार के खूंटी पर अब वफ़ाओं...
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कदम से कदम मिलाकर देख लिया आसान नहीं है तेरे साथ चलना तुझे अपनी तलाश है मुझे अपनी मुश्किल है दो मुख़्तलिफ़ का साथ रहना यूँ तो तू दरिया और ...
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ये चीत्कार ! ये हाहाकार ! ये संहार !!! क्यों ? ये संत्रास ! ये परिहास ! सब बदहवास ! क्यों? ये वारदात ! ये मारकाट ! सब बरबाद...


सच्चाई जीवन की.......
जवाब देंहटाएंतुम्हारे आँखों की रौशनी ही
मेरे जीवन की आस है
तुमसे जुडी हुई लम्हों के -
किस्से ..बड़े ख़ास है
waah bahut sundar...
खूबसूरत रचना
जवाब देंहटाएंबहुत कोमल और सुन्दर रचना
जवाब देंहटाएंbadhiya.....
जवाब देंहटाएंbadhayi.
बहुत ख़ूब!!
जवाब देंहटाएंप्रभावशाली प्रस्तुती....
जवाब देंहटाएंवाह बहुत खूब
जवाब देंहटाएंसच्चाई जीवन की.......
जवाब देंहटाएंतुम्हारे आँखों की रौशनी ही
मेरे जीवन की आस है
तुमसे जुडी हुई लम्हों के -
किस्से ..बड़े ख़ास है
सुन्दर प्रस्तुति
Very Nice post
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