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जून 02, 2011

याचना


the best painting in the world created by MF Hussain
मेरी ख़ामोशी का ये अर्थ नही की तुम सताओगी 
तुम्हारी जुस्तजू या फिर तुम ही तुम याद आओगी 

वो तो मै था की जब तुम थी खडी मेरे ही आंगन में 
मै पहचाना नही की तुम ही जो आती हो सपनो में 

खता मेरी बस इतनी थी की रोका था नही तुमको 
समझ मेरी न इतनी थी पकड़ लूं हाथ , भुला जग को 

पडेगा आना ही तुमको की तुम ही हो मेरी किस्मत 
भला कैसे रहोगी दूर कि तुम ही हो मेरी हिम्मत 

कि जब आयेगी हिचकी तुम समझ लेना मै आया हूँ 
तुम्हारे  सामने दर पे एक दरख्वास्त लाया हूँ 

कि संग चलकर तुम मेरी ज़िंदगी को खूब संवारोगी 
मेरे जीवन की कडवाहट को तुम अमृत बनाओगी 

पनाहों में जो आया हूँ रहम मुझ पर ज़रा करना 
अब आओ भी खडा हूँ राह पर निश्चित है संग चलना 

painting by M F HUSSAIN 


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