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दिसंबर 21, 2011

मेरी कवितायें......



मेरी कवितायें है एक आह़त पक्षी सम
गिरे तेरे कदमों पर हे! मेरे प्रियतम
जो पक्षी है आह़त नयन - वाण से
प्रिये उठा लो उसे....... धीरे से


वो सब स्वच्छंद विचरण-
 करती थी , नील नभ पर ,
तुम्हारे नयन-बाण ने
 किया आह़त कब न जानूं पर ,

मृत्यु गीत विषाद से भरा 
पर है ये अमृत सम 
 उदासी के साथ- साथ
 ये कवितायें है जीवन मम 

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