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नवंबर 06, 2011

कहानी दे गए


जाते हुए एक कहानी दे गए
दर्द-ए-दिल की एक निशानी दे गए
.
दिल में उसके बस जाने की उम्मीद थी
ग़म के दरिया में वो डुबोकर चले गए
.
हवाओं में बसे प्यार की खुशबू भी
जाते-जाते यूं चुराकर ले गए
.
एक अहसान जो उसने कर दिया
प्यासे को आंसूं पिलाकर चले गए
.
अब के आना तो बस इतना करना
शम्मा जलाना ऐसे की बस जलती रहे
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19 टिप्‍पणियां:

  1. भावमयी कविता,बहुत अच्छा लिखा है आपने !

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  2. आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा आज दिनांक 07-11-2011 को सोमवासरीय चर्चा मंच पर भी होगी। सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  3. अना जी बहुत सुन्दर सार्थक ......प्यार बरसाती है ...झिलमिल रंग
    आभार आप का
    भ्रमर ५

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  4. मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है,कृपया अपने महत्त्वपूर्ण विचारों से अवगत कराएँ ।
    http://poetry-kavita.blogspot.com/2011/11/blog-post_06.html

    उत्तर देंहटाएं
  5. इस सुंदर नज़्म के लिये बहुत बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  6. हवाओं में बसे प्यार की खुशबू भी
    जाते-जाते यूं चुराकर ले गए
    .
    एक अहसान जो उसने कर दिया
    प्यासे को आंसूं पिलाकर चले गए

    वाह बहुत सुन्दर

    उत्तर देंहटाएं
  7. जाते हुए एक कहानी दे गए
    दर्द-ए-दिल की एक निशानी दे गए

    sahne ke liye yaadein de gaye
    bahut achhee prastuti

    उत्तर देंहटाएं
  8. बहुत ख़ूबसूरत एवं भावपूर्ण रचना लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! बधाई!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/

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