समर्थक

अगस्त 09, 2011

चुप-चुप है ..............

Love Image 370315
चुप-चुप है मौन प्यार ,खिल खिल जाए बहार
जब जब होवे दीदार ,तुम बस कोई नहीं


ये क्या मौसम का हाल ,क्या है ये वक्त की चाल
क्यों है इश्क में बेहाल ,हम-तुम और कोई नहीं


कशमकश मेरे मन में,समाई हो तुम धड़कन में
टूट न जाए ये बंधन ,तेरे बगैर बस कोई नही


धरती चाँद और ये गगन ,कर दूं मैं तुझे समर्पण 
सूना था दिल का आँगन ,तुम-ही-तुम कोई नही 

12 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही खुबसूरत प्यार की अभिवयक्ति....

    उत्तर देंहटाएं
  2. कशमकश मेरे मन में,समाई हो तुम धड़कन में
    टूट न जाए ये बंधन ,तेरे बगैर बस कोई नही

    Wah ...

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुन्दर भावाव्यक्ति।

    उत्तर देंहटाएं
  4. चुप-चुप है मौन प्यार ,खिल खिल जाए बहार
    जब जब होवे दीदार ,तुम बस कोई नहीं
    ..बढ़िया खूबसूरत अन्दाज में रची रचना ..

    उत्तर देंहटाएं
  5. आप सब का बहुत बहुत धन्यवाद ......स्वागत है आपका

    उत्तर देंहटाएं
  6. धरती चाँद और ये गगन ,कर दूं मैं तुझे समर्पण
    सूना था दिल का आँगन ,तुम-ही-तुम कोई नही

    सुन्दर समर्पण

    उत्तर देंहटाएं

ब्लॉग आर्काइव

widgets.amung.us

flagcounter

free counters

FEEDJIT Live Traffic Feed