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मार्च 04, 2012

हर पल





हर पल बेहतर था तेरे आने पर 
उम्मीद जग उठी थी तेरे रहने पर 
पर तूने जो जख्म दिया मेरे सीने में
सपने बह गए सारे तेरे जाने पर 


रेत ले गया समंदर मेरे प्यार की 
दफन हो गया एहसास तेरे प्यार की 
ख्वाबो पर अब हक नहीं रहा कोई 
खो दिया मैंने तुम्हे एक बार फिर 


वीरान पड़ी है गली कूचे इस जहां में 
शाम ढल गयी है तेरी याद में  
जाने किस शहर में ढूँढू ठिकाना तेरा 
जी लिया उम्र सारा बेवफा तेरी ख्याल में 


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