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मार्च 04, 2012

हर पल





हर पल बेहतर था तेरे आने पर 
उम्मीद जग उठी थी तेरे रहने पर 
पर तूने जो जख्म दिया मेरे सीने में
सपने बह गए सारे तेरे जाने पर 


रेत ले गया समंदर मेरे प्यार की 
दफन हो गया एहसास तेरे प्यार की 
ख्वाबो पर अब हक नहीं रहा कोई 
खो दिया मैंने तुम्हे एक बार फिर 


वीरान पड़ी है गली कूचे इस जहां में 
शाम ढल गयी है तेरी याद में  
जाने किस शहर में ढूँढू ठिकाना तेरा 
जी लिया उम्र सारा बेवफा तेरी ख्याल में 


12 टिप्‍पणियां:

  1. सुन्दर प्रस्तुति
    आपके इस प्रविष्टि की चर्चा कल दिनांक 05-03-2012 को सोमवारीय चर्चामंच पर भी होगी। सूचनार्थ

    उत्तर देंहटाएं
  2. मन के भावो को शब्द दे दिए आपने......

    उत्तर देंहटाएं
  3. वाह..बहुत खूब ...टूटे दिल की दास्तान

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत ही सुन्दर ..
    कोमल भावो की बेहतरीन अभिव्यक्ति ...
    ~~~~ happy holi ~~~~~

    उत्तर देंहटाएं
  5. वीरान पड़ी है गली कूचे इस जहां में
    शाम ढल गयी है तेरी याद में
    जाने किस शहर में ढूँढू ठिकाना तेरा
    जी लिया उम्र सारा बेवफा तेरी ख्याल में
    अब रिहर्सल ही सही .
    holi mubaarak .

    उत्तर देंहटाएं
  6. भावपूर्ण प्रस्तुति !
    होली की ढेर सारी शुभकामनायें !
    आभार !

    उत्तर देंहटाएं
  7. रेत ले गया समंदर मेरे प्यार की
    दफन हो गया एहसास तेरे प्यार की
    ख्वाबो पर अब हक नहीं रहा कोई
    खो दिया मैंने तुम्हे एक बार फिर


    wah ana ji kya khoob likha hai ....sadar badhai.

    उत्तर देंहटाएं

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