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अक्तूबर 01, 2011

आँखों की भाषा....

आँखों की भाषा पढना सीखो 
खामोशी को चुपके से सुनना सीखो 
शब्द बिना बोले लब से 
जुबां की भाषा समझना सीखो 


सुनो  गुनगुनाती हवा को 
सन सन सन सन कहती है क्या 
शब्दों की मद्धिम आहट सुनकर 
क़दमों को पहचानना सीखो 


छूना न ठहरे पानी को 
इक इक लम्हा गिर जाएगा 
चटक जायेंगी गहराइयां 
ग़म का प्याला दरक जाएगा 


जुबां तुम न खोलो पिया
आँखों से खोलो जिया 
नयनों के अश्कों की 
भाषा को समझना सीखो 

8 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति| धन्यवाद|

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  2. छूना न ठहरे पानी को
    इक इक लम्हा गिर जाएगा
    चटक जायेंगी गहराइयां
    ग़म का प्याला दरक जाएगा ....
    सुन्दर अभिव्यक्ति

    उत्तर देंहटाएं
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  4. आन्तरिक भावों के सहज प्रवाहमय सुन्दर रचना....

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  5. जुबां तुम न खोलो पिया
    आँखों से खोलो जिया
    नयनों के अश्कों की
    भाषा को समझना सीखो

    बोली गई भाषा की तुलना में चेहरे के हाव-भाव की भाषा ज्यादा प्रभावशाली होती है।

    बढि़या कविता।

    उत्तर देंहटाएं
  6. सुंदर अभिव्‍यक्ति....
    बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण.....

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत प्यारी कविता कही आपने
    बधाई

    उत्तर देंहटाएं

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