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अप्रैल 10, 2014

चुनना है खास



 ये लोकतंत्र है  या वोटतन्त्र !!
है त्रस्त  जनता और भ्रष्ट मंत्री 
नहीं देश प्रेम है  गुंडों का राज 
जनता के हाथ  कब आये राज II 

प्रशासन है यूं… मौन क्यों 
हत्याएं और लूटपाट यूं 
क्यों हो रहे यूं सरे आम 
अधीन मंत्री हो ,राजा अवाम II 

शायद फिर हो सुशासन  की आस 
 हो जाए दूर दिल की खटास 
चहुँओर देश का हो विकास 
ऐसे किसी को  चुनना है खास II 

"जय हिन्द"

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