जून 27, 2010

ऐसे उदास नज़रों से...............

ऐसे उदास नज़रों से  न देखो
दिल दहल जाएगा
उदास क्यों हो बता दो गर
दिल बहल जाएगा
माथे पर शिकन
आँखों में उदासी
चेहरा बेनूर कर देगा
परेशान क्यों हो
रास्ते कई है
उलझन है सुलझ जाएगा


मित्र,सखा,बंधु
कुछ भी कह लो मुझे
मै हूँ हर पल
साथ तुम्हारे


मानो न मानो
अपना मुझे तुम
इस कठिन घड़ी में हूँ
आस पास तुम्हारे

जून 23, 2010

ख़्वाबों की दुनिया ..................

heaven earth wallpapers wallpaper backgrounds desktop background anime mangaख़्वाबों की दुनिया से जगाऊँ मैं तुझे 

यथार्थ के धरातल पर ले आऊं मैं तुझे 

माना कि ये दुनिया बहुत हसीं है 
पर कठिनाई भरा रास्ता भी पथ में पड़ी है 

जिस दुनिया में है सूरज चाँद सितारे Age of Dinosaurs Preview
वहीं रहते है अत्याचारी हत्यारे 

गर जीना है यहाँ तो रहना है संभलकर 
न जाने कब तू गिर पडेगा फिसलकर 

ख़्वाबों को हकीकत का रंग तो दे दो 
हकीकत को ख़्वाबों से सींच कर चलो 


जून 13, 2010

क्या लिखूं.............

क्या लिखूं आज समझ न आये 
कविता , कहानी या ग़ज़ल 
वर्ण, छंद लय हाथ न आये 
स्वयं रचूं या करूँ नक़ल 


पर रचना अपने आप जो आये 
उसकी महत्ता ही निराली है 
शब्द जो स्वयं रच जाए 
अपनी रचना वो कहलाती है 


अपने भावों को शब्दों में ढाला 
तो कविता रच गयी 
धीरे - धीरे खोयी व्यंजना 
शब्दों में आकर ढल गयी 


इस तरह मेरे कविता को 
एक शरीर मिल गया 
खोयी हुई अपनी काया को 
अंतत: कविता ने हासिल कर लिया 

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